क्या कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए डिफेंडर गिफ्ट करनी पड़ती है? मध्य प्रदेश कांग्रेस में नए आरोपों से सियासी भूचाल!" अगर कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनना है... तो क्या एक डिफेंडर गिफ्ट कर दीजिए और कुर्सी आपकी हो जाएगी? क्या राजनीति के बड़े पदों तक पहुंचने का खेल अब ऐसे आरोपों के घेरे में है? हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश की, जहां कांग्रेस के भीतर से ही एक नया विवाद सामने आया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव राकेश सिंह यादव ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जीतू पटवारी "डिफेंडर गिफ्ट" देकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने। उन्होंने पार्टी नेतृत्व और संगठन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राकेश सिंह यादव का कहना है कि पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है और संगठन के भीतर फैसले पारदर्शी तरीके से नहीं लिए जा रहे। उनके इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी असंतोष की चर्चा तेज हो गई है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश कांग्रेस पहले ही अंदरूनी मतभेदों को लेकर सुर्खियों में रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के बयानों को लेकर भी पार्टी के भीतर मतभेद की खबरें सामने आई थीं, हालांकि बाद में दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से एकजुटता दिखाई थी। वहीं, इस नए आरोप ने कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालांकि, जीतू पटवारी की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, इसलिए इन दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह केवल एक नाराज़ नेता का आरोप है, या फिर मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर चल रहे असंतोष का बड़ा संकेत? क्या पार्टी नेतृत्व इस विवाद पर कोई कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला और गहराएगा? फिलहाल, मध्य प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें कांग्रेस नेतृत्व की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।