जिस धरती ने हमें जीवन दिया, उसे लौटाने का सबसे सुंदर तरीका है—एक पेड़ लगाना।" आज की खबर सिर्फ एक अभियान की नहीं... बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सांसों का तोहफा देने की है। जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण से जूझ रही है, तब गुजरात से एक ऐसी पहल सामने आई है, जो उम्मीद की नई हरियाली लेकर आई है। एक सच्चा कलाकार सिर्फ लोगों को हंसाता नहीं, बल्कि समाज को जीना भी सिखाता है। लोगों को हंसाते रहें... और मनोरंजन के माध्यम से स्वस्थ रखने वाले 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के 'सुंदर मामा' यानी मयूर वाकाणी ,"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से अभिनेता मयूर वाकाणी भी जुड़े और लोगों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने पहुंचे जिसने यह साबित कर दिया कि एक कलाकार सिर्फ पैसा नहीं कमाता... बल्कि अपने काम और समाज सेवा से लोगों के दिलों में भी हमेशा के लिए जगह बना लेता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गांधीनगर को हरित बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए, श्री स्वामिनारायण मंदिर, कालूपुर (अहमदाबाद) ने एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है। गांधीनगर उत्तर विधानसभा के पीपलज गांव में मंदिर की ओर से करीब 6 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इन पौधों को केवल लगाकर छोड़ नहीं दिया जाएगा, बल्कि अगले 5 वर्षों तक इनके संरक्षण, देखभाल और पूर्ण विकास की जिम्मेदारी भी मंदिर प्रशासन ने अपने ऊपर ली है। करोड़ों रुपये की लागत से चल रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अगर हर संस्था... हर गांव... और हर नागरिक प्रकृति के लिए ऐसा ही संकल्प ले ले, तो शायद आने वाली पीढ़ियों को प्रदूषण नहीं, हरियाली विरासत में मिले। आइए... सिर्फ खबर न देखें, बल्कि एक संकल्प भी लें... "एक पेड़ ज़रूर लगाएं... क्योंकि पेड़ सिर्फ ऑक्सीजन नहीं, आने वाले कल की ज़िंदगी हैं।"