आज का दिन राजस्थान के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मरुधरा की धरती पर एक ऐसा 'महा-दौरा' कर रहे हैं, जिसने राजस्थान को एक-दो नहीं... बल्कि पूरे 1 लाख 6 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दे दी है!
इस महा-सौगात का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बना है बालोतरा का पचपदरा, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पहले और सबसे अत्याधुनिक 'ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स' को राष्ट्र को समर्पित किया है। करीब 79,459 करोड़ की लागत से रेगिस्तान के बीचों-बीच खड़ी हुई यह रिफाइनरी आधुनिक इंजीनियरिंग की वो जीती-जागती मिसाल है, जिसे सुनकर दुनिया के बड़े-बड़े आर्किटेक्ट भी दंग रह गए हैं!
ज़रा ध्यान से सुनिए इन आंकड़ों को— इस रिफाइनरी को खड़ा करने में 16 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट का इस्तेमाल हुआ है, जो दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा से भी 5 गुना ज्यादा है! इसमें 3 लाख मीट्रिक टन लोहा लगा है, जो पेरिस के एफिल टॉवर से भी 40 गुना अधिक है! और तो और, इस रिफाइनरी के अंदर जो बिजली और डेटा की केबल्स बिछाई गई हैं, उनकी लंबाई 28 हजार किलोमीटर है... यानी हमारी पूरी पृथ्वी के व्यास से भी दोगुनी लंबी केबल इस कैंपस में समाई हुई है! यह रिफाइनरी राजस्थान के औद्योगिक विकास को इतनी रफ्तार देगी कि पश्चिमी भारत तेल और ईंधन उत्पादन का सबसे बड़ा हब बन जाएगा।
बात सिर्फ रिफाइनरी तक ही सीमित नहीं है। जयपुर के वासियों के लिए भी आज का दिन उत्सव जैसा है। प्रधानमंत्री मोदी ने करीब ₹13,000 करोड़ की लागत से बनने वाले जयपुर मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास कर दिया है। प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक बनने वाला यह 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बड़े औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ेगा, और सबसे बड़ी बात— यह पूरा रूट पूरी तरह से 'ड्राइवरलेस' यानी बिना ड्राइवर वाली अत्याधुनिक मेट्रो तकनीक से लैस होगा!
इसके अलावा जोधपुर को ₹480 करोड़ का नया वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट टर्मिनल मिला है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जोधपुर को ₹480 करोड़ की लागत से बने नए अत्याधुनिक एयरपोर्ट टर्मिनल का तोहफा दे दिया है।
(स्क्रीन पर जोधपुरी पत्थर से बने भव्य फ्रंट लुक का वीडियो प्ले करें)
अगर आप इस नए टर्मिनल को देखेंगे, तो आपको लगेगा ही नहीं कि आप किसी एयरपोर्ट पर खड़े हैं, बल्कि ऐसा लगेगा जैसे आप मारवाड़ के किसी भव्य महल या मेहरानगढ़ किले के अंदर आ गए हैं। जोधपुरी सैंडस्टोन से बने इस आलीशान टर्मिनल में मारवाड़ की पारंपरिक नक्काशी, खूबसूरत छतरियां और जालीदार कलाकृतियां उकेरी गई हैं, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को पहली ही नजर में मंत्रमुग्ध कर देंगी।
लेकिन बात सिर्फ खूबसूरती की नहीं है, बल्कि सुविधाओं की भी है। इस नए टर्मिनल के चालू होने के बाद अब जोधपुर एयरपोर्ट की क्षमता 12 गुना बढ़ चुकी है, यानी अब सालाना 30 लाख यात्री यहाँ से उड़ान भर सकेंगे। 4 नए एयरोब्रिज और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के चेक-इन काउंटर्स के साथ अब जोधपुर से मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु का सफर तो आसान होगा ही, साथ ही बहुत जल्द सूर्य नगरी सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए दुनिया से जुड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।